Er. Santosh Kumar
रजौली प्रखंड क्षेत्र समेत अन्य जगहों में लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर उपेक्षित चल रहे जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं ने अब सरकार के खिलाफ सीधे मोर्चा खोल दिया है.महामंत्री योगेंद्र पासवान ने बताया कि नवादा जिले के 1150 से अधिक पीडीएस विक्रेता सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में महाधरना के लिए पटना रवाना हो गए हैं.उनकी ये नाराजगी आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सत्ताधारी दल के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.पीडीएस रजौली के अध्यक्ष नवशीष कुमार एवं महामंत्री योगेंद्र पासवान के नेतृत्व में रजौली प्रखंड के सभी विक्रेता इस महाधरना में शामिल होने के लिए सोमवार को पटना गए हैं.उनका मानना है कि सरकार की अनदेखी अब बर्दाश्त से बाहर हो गई है.पीडीएस डीलर्स की नाराजगी इसलिए भी मायने रखती है,क्योंकि उनका सीधा संपर्क हर गांव और शहर के लाखों परिवारों से है.उनकी नाराजगी या समर्थन, दोनों ही चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं.पीडीएस डीलर्स की मुख्य मांगों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की उम्र सीमा को खत्म करना शामिल है.उनका तर्क है कि जब झारखंड सरकार यह कर सकती है,तो बिहार क्यों नहीं?इसके अलावा,वे 30,000 रूपये मासिक मानदेय और प्रति क्विंटल 300 रूपये का कमीशन चाहते हैं.डीलर्स का कहना है कि मौजूदा कमीशन और मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है.इस आंदोलन में अध्यक्ष नवशीष कुमार,दरोगी प्रसाद,कुंदन कुमार, पैक्स अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार,ललन प्रसाद, नवीन कुमार,संतोष कुमार साहसी,मदन रजक और प्रमोद अग्रवाल जैसे प्रमुख विक्रेता भी शामिल हैं.अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो ये चिंगारी एक बड़े राजनीतिक तूफान का रूप ले सकती है.










