Er. Santosh Kumar
नवंबर 2025-बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेजी से बढ़ रहा हैं,यही वजह है कि रजौली विधानसभा सीट पर टिकट के लिए उम्मीदवारों की होड़ मची हुई है.इस बार यह सीट उम्मीदवारों के बीच जबरदस्त मारामारी का केंद्र बन गई है,जहां एक-एक सीट पर हरेक पार्टियों में 10 से ज्यादा उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं.दिलचस्प बात यह है कि ये सभी नेता अपनी-अपनी पार्टियों से टिकट मिलने से पहले ही घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार में जुट गए हैं एवं जनता को अपनी पार्टियों से कन्फर्म रूप से टिकट मिलने की बात भी कह रहे हैं.
क्यों बढ़ गई है दावेदारों की संख्या :-
पिछली बार रजौली से भाजपा के उम्मीदवार कन्हैया रजवार के हार के बाद भी उम्मीदवार टिकट मिलने का दावा कर रहे हैं.बीजेपी ने पिछले चुनाव में यह सीट गंवा दी थी,जिससे इस बार पार्टी में नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.पूर्व विधायक कन्हैया रजवार की पिछली हार और कार्यकर्ताओं की नाराजगी ने कई नए दावेदारों को प्रोत्साहित किया है.बीजेपी में पूर्व विधायक कन्हैया रजवार,सुरेंद्र राजवंशी,एडवोकेट दीपक कुमार और बसंती देवी जैसे कई नेता अपने-अपने गुटों के सहयोग के जरिए टिकट पाने की कोशिश में लगे हुए हैं.
मौजूदा विधायक से नाराजगी:-
वर्तमान आरजेडी विधायक प्रकाश वीर के खिलाफ भी उनकी ही पार्टी के नेता व कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं.उनके ‘खराब प्रदर्शन’ और ‘जनता से दूरी’ की वजह से कई अन्य नेता अपनी दावेदारी को मजबूत मान रहे हैं.यही वजह है कि पूर्व जिला परिषद अध्यक्षा प्रत्याशी पिंकी भारती,
राजद प्रखंड अध्यक्ष कारू राम भी टिकट को लेकर आस लगाये हुए हैं.दूसरी ओर पूर्व मुखिया मुसाफिर चौधरी भाजपा छोड़ हाल ही में राजद में शामिल हुए हैं और अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.वहीं ‘जन सुराज’ जैसे नए दल में भी कई लोग अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं.
क्या होगा,अगर टिकट नहीं मिला:-
इतने सारे दावेदारों के मैदान में होने से यह साफ है कि अगर इन नेताओं को टिकट नहीं मिलता तो उनमें से कई बागी उम्मीदवार बनकर चुनाव में उतर सकते हैं.यह स्थिति एनडीए गठबंधन के लिए रजौली सीट को एक ‘गले की हड्डी’ बना सकती है,क्योंकि बागी उम्मीदवार वोट काटकर पार्टी का समीकरण बिगाड़ सकते हैं.सभी पार्टियों के उम्मीदवार अपनी जीत का दावा कर रहे हैं और जनता को दिग्भ्रमित करने की कोशिश में लगे हैं।वे पहले से ही चुनाव कार्यालय खोलकर अपनी दावेदारी को और पुख्ता कर रहे हैं,हालांकि पार्टी का अंतिम फैसला अभी बाकी हो.यह स्थिति दिखाती है कि रजौली विधानसभा सीट पर चुनाव इस बार बेहद कड़ा और अप्रत्याशित चुनाव होने वाला है.










