दर्द की दवा नहीं, ‘खुशी की खुराक’ बेच रहे थे ‘ केमिस्ट’

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साहू मेडिकल’ की गोपनीय खुराक,42 बोतल व्हिस्की के साथ ‘केमिस्ट’ और दो ‘दवा-वितरक’ गिरफ्तार

मनीष सिंह रजौली(नवादा)
थाना क्षेत्र के पुरानी बस स्टैंड स्थित साहू मेडिकल अब सिर्फ पैरासिटामोल के लिए नहीं, बल्कि ‘रॉयल स्टेज’ और ‘ब्लेंडर प्राइड’ की गोपनीय खुराक के लिए भी चर्चित हो गया है। सोमवार की शाम थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजेश कुमार को एक ‘गुप्त सूचना’ नहीं, बल्कि ‘गुप्त नुस्खा’ मिला कि यह मेडिकल स्टोर स्वास्थ्य सेवा की आड़ में ‘स्पिरिट’ की सेवा दे रहा है।
गश्त के दौरान बजरंगबली चौक पर खड़े पुलिस बल को पता चला कि ‘दवा’ की एक बड़ी खेप मोटरसाइकल पर सवार होकर साहू मेडिकल पहुंच रही है।तुरंत, एसआई नूर आलम के नेतृत्व में पुलिस टीम ‘इमरजेंसी ऑपरेशन’ के लिए रवाना हो गई।मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जो नजारा देखा, वह किसी कॉमेडी फिल्म से कम नहीं था।मेडिकल दुकान का दरवाजा बाहर से ताला लगा था, लेकिन अंदर ग्राहक नहीं, बल्कि व्हिस्की के ‘मरीज’ मौजूद थे।एक युवक अजीत कुमार बाहर बाइक बीआर 27 डब्ल्यू 7369 पर ‘डिलीवरी बॉय’ बनकर इंतज़ार कर रहा था, शायद अगले ‘पेशेंट’ को ‘होम डिलीवरी’ देनी थी। पुलिस ने पहले उसे हिरासत में लिया और फिर ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुई।अंदर का नजारा देखकर पुलिस की आंखें खुली रह गईं दुकान में रखी दवाइयों से ज्यादा महत्वपूर्ण था एक बैग, जो पूरी तरह 375 एमएल की 20 बोतल रॉयल स्टेज और 22 बोतल ब्लेंडर प्राइड से भरा हुआ था, कुल 42 जीवन रक्षक की बोतलें, यहां तक कि डिलीवरी बॉय की बाइक की डिक्की को भी इन ‘जीवनरक्षक’ दवाओं को छिपाने का साधन बनाया गया था।थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने व्यंग्य करते हुए कहा, इनका नया मेडिकल फॉर्मूला जबरदस्त था, ये लोग ‘सर दर्द’ के लिए पेनकिलर नहीं, बल्कि ‘ब्रेन-रिलैक्सर’ बेच रहे थे।दुकान का मालिक सानू कुमार, जो अब तक खुद को ‘केमिस्ट’ बता रहा था, और दोनों डिलीवरी बॉय अजीत और अनोज के साथ अब थाने के ‘स्पेशल वॉर्ड’ में भर्ती हैं, जहां उन्हें कानून की कड़वी दवा पिलाई जाएगी।पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अब इस बात की जांच की जा रही है कि ये ‘जीवन-जल’ (शराब) उन्हें कहां से प्राप्त हुआ था।
Bihar News 27
Author: Bihar News 27

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