Er. Santosh Kumar
रजौली अनुमंडल क्षेत्र के मेसकौर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है.लव मैरेज के महज पांच महीनों में ही बहू ने अपने सहयोगियों की मदद से अपनी सास को मौत के घाट उतार दी है.बताते चलें कि बीते 8 जून से गायब हुई एक महिला के शव को पुलिस ने लगभग एक माह बाद नारदीगंज थाना क्षेत्र के पेसो गांव स्थित पहाड़ी से प्राप्त किया था.इस मामले का सफल उद्भेदन एसडीपीओ रजौली गुलशन कुमार के द्वारा किया गया.सोमवार की देर शाम को प्रेस कॉन्फेंस कर एसडीपीओ ने मामले की जानकारी दी.
क्या है मामला :-
बीते 8 जून को मेसकौर थाना क्षेत्र के नौडीहा गांव निवासी कृष्ण राजवंशी की 45 वर्षीय पत्नी किरण देवी गायब थी.किरण देवी के पिता केशर राजवंशी द्वारा अपने पुत्री के अपहरण को लेकर मेसकौर थाना में गायब होने के 15 दिनों के बाद प्राथमिकी दर्ज करवाई.प्राथमिकी में पीड़ित ने अपनी बेटी की बहु कांचो देवी और उसके परिजनों पर अपहरण का आरोप लगाया था.प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस एक्शन में आई और मामले की तह तक गई.चूंकि घटना और प्राथमिकी दर्ज होने के बीच लगभग 15 दिनों का अंतर था,इसलिए पुलिस को मामले के उद्भेदन में थोड़ा समय लग गया.
लव मैरेज के कारण सास-बहु में होती थी लड़ाई :-
एसडीपीओ गुलशन कुमार ने बताया कि किरण देवी के बेटे सन्नी कुमार ने इसी वर्ष शिवरात्रि के दिन पहले से एक बच्चे की मां कांचो देवी के साथ शादी करके घर ले आया था.बेटे की शादी से उसकी मां खुश नहीं थी और इस कारण दोनों में अक्सर झगड़ा होते रहता था.
हत्या की रची गई साजिश :-
सास-बहु के झगड़े से परेशान होकर बहु कांचो देवी ने अपनी सास को रास्ते से हटाने की योजना नौडीहा गांव के ही रहने वाले अपने सहयोगियों चचेरे बहन के बेटे रंजीत कुमार और रंजीत के दोस्त करण कुमार के साथ मिलकर बनाने लगी.इसी बीच सास किरण देवी की तबियत थोड़ी खराब थी,जिसे बहु कांचो देवी ने पड़ोसी करण कुमार के साथ बाइक पर बैठाकर बीते 8 जून को हिसुआ ले गई.हिसुआ से वे तीनों बाइक पर ही पेसो गांव,जहां किरण देवी का मायके था,वहां गए और लौटने के क्रम में किरण देवी को करण कुमार और कांचो देवी ने दातुन तोड़ने के बहाने से पहाड़ की ऊंचाईयों पर ले गए.पहाड़ी पर पहले किरण देवी का गला घोंटा गया एवं धारदार ब्लेड की मदद से गर्दन काट छोड़ दिया गया.किरण देवी के मायके पेसो से नौडीहा नहीं पहुंचने पर परिजन परेशान होने लगे,तो आरोपियों ने किरण देवी को रास्ते में ही उतर कर वजीरगंज जाने की बात बताई गई.15 दिनों तक जब कुछ भी पता नहीं चला,तो किरण देवी के पिता केशर राजवंशी ने थाने में लिखित आवेदन देकर कांचो देवी और उसके परिजनों पर अपहरण का केस दर्ज करवाया.
अपहरण बदला मर्डर केस में :-
पुलिस ने किरण देवी के अपहरण का मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया.पूछताछ के क्रम में बहु कांचो देवी और करण कुमार से पूछताछ किया गया,जिसमें उन्होंने स्क्रिप्टेड स्टोरी को बता,पुलिस को भी गुमराह किया.किंतु बीते 3 जुलाई को नारदीगंज के पहाड़ी पर पुलिस को एक शव का कंकाल मिला,जिसका पहचान किरण देवी के रूप में हुई.पुलिस द्वारा अब अपहरण के केस को मर्डर में तब्दील किया गया.
बहु की गिरफ्तारी ने खोले राज :-
पुलिस किरण देवी के हत्यारे की खोजबीन में जुट गई,तो इस क्रम में उसकी बहु कांचो देवी भी गायब हो गई.जिसे पुलिस बलों ने बीते रविवार को हिरासत में लिया और पूछताछ में बहु कांचो देवी ने स्वीकार किया कि वे अपनी सास किरण देवी के साथ हो रहे झगड़े से परेशान थी.इससे निजात दिलाने में उसने अपने चचेरी बहन के बेटे रंजीत कुमार और उसके दोस्त करण कुमार की मदद ली.पुलिस ने कॉल डिटेल्स में कांचो देवी और करण कुमार के बीच बहुत ही ज्यादा बातचीत भी देखी.काफी कठिनाइयों के बाद पुलिस ने हत्या की इस पहेली को सुलझाने में कामयाबी हासिल की.एसडीपीओ ने बताया कि किरण देवी की हत्या के समय कांचो देवी और करण कुमार ही घटनास्थल पर मौजूद थे,जिन्होंने घटना को अंजाम दिया.जबकि रंजीत कुमार मर्डर के समय नहीं था,किंतु षड्यंत्र में उसकी संलिप्तता है.
बहु और उसके दो सहयोगियों को भेजा गया जेल :-
एसडीपीओ गुलशन कुमार ने बताया कि अपहरण से शुरू हुआ मामला मर्डर तक पहुंचा है.पुलिस ने मामले का सफल उद्भेदन करते हुए बहु कांचो देवी एवं सहयोगियों के रूप में रहे करण कुमार और रंजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है.गिरफ्तार लोगों से आवश्यक पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.










