Er. Santosh Kumar
रजौली प्रखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में चल रहे मध्याह्न भोजन में बीआरपी शंकर कुमार के द्वारा काफी धांधली की जा रही है.इसको लेकर रजौली प्रखंड प्रमुख सरोज देवी नेे पदाधिकारियों को लंबी लिस्ट का शिकायत पत्र भेजा है.इससे ऐसा लगता है कि वर्ष 2022 से अबतक संविदा पर रजौली में पदस्थापित बीआरपी शंकर कुमार के बुरे कर्मों का घड़ा भर चुका है.बीआरपी के द्वारा लगातार किए जा रहे शोषण के विरुद्ध शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मोर्चा खोल दिया है.प्रखंड के दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने रजौली प्रखंड प्रमुख सरोज देवी से बीआरपी शंकर कुमार के काली करतूतों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है.बीआरपी के कार्यशैली से बिहार सरकार एवं शिक्षा विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है. प्रखंड प्रमुख सरोज देवी ने बताई कि क्षेत्र भ्रमण एवं विद्यालयों के प्रधानध्यापकों व शिक्षक-शिक्षिकाओं से मध्याह्न भोजन के बीआरपी शंकर कुमार के बारे में अनेकों शिकायतें मिली है. बीआरपी शंकर कुमार द्वारा प्रत्येक माह उपयोगिता लेने के नाम पर दो-तीन हजार रूपया प्रत्येक विद्यालय से लिया जाता है. शिक्षकों के साथ तो अम्रद भाषा का प्रयोग करतें ही हैं,वहीं महिला शिक्षिकाओं के साथ भी गंदी-गंदी भाषा एवं टिप्पणी करतें हैं. शंकर कुमार द्वारा कार्यालय में उपयोगिता नहीं लेकर किसी एक विद्यालय में बैठकर सभी के उपयोगिता प्रमाण-पत्र बनाते है,जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है. शिक्षकों को पदाधिकारी से जांच करवाने की धमकी देकर अवैध राशि की वसूली करतें हैं. वहीं शिक्षकों द्वारा विरोध किए जाने पर कहते हैं कि जो मांग रहा हूं,वह राशि देना होगा,नहीं तो पदाधिकारी से विद्यालय की जांच करवा देगें. यदि इसपर शंकर कुमार के हितों की पूर्ति नहीं होती है,तो अपने सांठ-गांठ के व्यक्ति को मोहरा बनाकर शिक्षकों व विद्यालयों के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत सूचना की मांग कर परेशान किया जाता है. प्रमुख द्वारा बताया गया कि रजौली प्रखंड के पायलट प्रोजेक्ट के तहत मध्याहन भोजन चल रहा है,जबकि इनके द्वारा मनचाहे लोगों को विद्यालय में मध्याहन भोजन का प्रभार दिलाया गया है. जबकि ऐसा कहा जाता है कि विद्यालय के वरीय शिक्षक को मध्याहन भोजन का प्रभारी बनाया जाना है,लेकिन अधिकांश जगह ऐसा नहीं हुआ है,जो शिक्षक इनको अच्छी रकम देते है,उनकों मध्याहन भोजन प्रभारी बना दिया जाता है. प्रमुख ने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी नवादा के पत्रांक-735 दिनांक-30.07.2025 के द्वारा निर्गत पत्र में आधे से अधिक गलत तरीका से मध्याहन भोजन प्रभारी बनाया गया है,जो जांच का विषय है. प्राथमिक विद्यालय झिरझो में सुनील रविदास को मध्याहन भोजन का प्रभारी 30.07.2025 को ही बना दिया गया,जबकि विद्यालय में सुनील रविदास ने 01.08.2025 को योगदान लिया गया. वहीं मुख्यालय से दूर जंगली क्षेत्रों में कुछ विद्यालयों में ना तो बच्चे रहते है और ना ही मध्याहन भोजन बनता है. फिर भी बीआरपी शंकर कुमार द्वारा मध्याह्न भोजन प्रभारी शिक्षकों के साथ मिलकर बंदरबांट किया जाता है. इसके अलावे बीआरपी शंकर कुमार के द्वारा मध्याहन भोजन का खाद्यान उठाव के समय दो-दो बोरा गोदाम में ही छोड़ दिया जाता है,जिसे बाद में बाजार में बेच दिया जाता है.प्रमुख ने बीडीओ,एसडीओ, डीईओ एवं एसीएस को पत्र लिख कार्रवाई की मांग की है.उक्त शिकायत के आलोक में बीडीओ संजीव झा के द्वारा त्वरित पत्र निर्गत कर जिला शिक्षा पदाधिकारी से कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी :-
इस बाबत निविदस्थापित डीपीओ एमडीएम नवादा रिशु राज सिंह ने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर जांच कर अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।वहीं डीईओ नवादा दीपक कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है।डीपीओ एमडीएम नवादा को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को निर्देशित किया गया है।










