Er. Santosh Kumar
रजौली प्रखंड के एक स्कूल में मिड-डे-मील (एमडीएम) की राशि में गबन का गंभीर मामला सामने आया है।उत्क्रमित मध्य विद्यालय भगवानपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत नव-नियुक्त एमडीएम प्रभारी पवन कुमार ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका सरीता कुमारी पर फर्जी हस्ताक्षर करके एमडीएम की राशि निकालने का आरोप लगाया है।एमडीएम प्रभारी शिक्षक ने लिखित आवेदन पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी राजौली के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी नवादा को एक एक प्रति भेजा है।जिसमें उन्होंने गबन करने का आरोप लगाया है।
स्कूल का क्या है पूरा मामला:-
रजौली प्रखंड के भगवानपुर स्कूल में एमडीएम के तहत मिली राशि के भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एमडीएम प्रभारी पवन कुमार का कहना है कि प्रधानाध्यापिका सरीता कुमारी ने सचिव डौली कुमारी का फर्जी हस्ताक्षर करके पीपीए (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से एमडीएम की राशि अपने बैंक खाते में हस्तांतरित कर ली है। उन्होंने बताया कि सचिव डॉली कुमारी को इस लेन-देन की कोई जानकारी नहीं है।पवन कुमार ने अपने आवेदन में यह भी बताया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की, तो उन्हें प्रधानाध्यापिका के द्वारा धमकी दी गई। उन्होंने 04.09.2025 को शाम 7:02 बजे हुई लेन-देन का विवरण देते हुए बताया कि दो अलग-अलग पीपीए नंबरों (PFMS-COB2544318763 और PFMS-COB2544324260) के जरिए 9,974 रुपये और 40,136 रुपये की राशि निकाली गई है।
आवेदन मिलने के बाद जांच के लिए बीडीओ ने दिया निर्देश :-
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आलोक में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट सुपुर्द करने हेतू निर्देशित किया गया है।उन्होंने कहा कि आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि मिड-डे-मील योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।इधर प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि आवेदन पत्र हमें भी मिला था।जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी को हमारे द्वारा लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मामले निष्पक्ष जांचोपरांत नियमानुकूल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ।










