संतोष कुमार
रजौली अनुमंडल कार्यालय के ठीक पीछे कचरे के ढेर ने गंभीर रूप धारण कर लिया है.इससे न केवल स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया है,बल्कि सरकारी अधिकारियों के आदेशों की भी अवहेलना हो रही है.एक स्थानीय अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता जयपाल यादव ने इस मामले को लेकर आवाज उठाई है और नगर पंचायत पदाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.
लोक शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं:-
जयपाल यादव ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय, रजौली में शिकायत दर्ज कराई थी.उनकी शिकायत (परिवाद संख्या- 536110103082403281) पर सुनवाई के बाद, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने 27 सितंबर, 2024 को नगर पंचायत पदाधिकारी को इस कचरे को तुरंत हटाने का निर्देश दिया था.यह निर्देश अंचल कार्यालय, रजौली के पत्रांक संख्या 924 के माध्यम से जारी किया गया था, जिसमें कचरा हटाने के लिए चिन्हित भूमि का भी उल्लेख था.
आदेशों की अवहेलना और ‘तानाशाही’ का आरोप:-
अधिवक्ता यादव ने आरोप लगाया कि आदेश दिए जाने के बावजूद, नगर पंचायत पदाधिकारी ने अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है.उनका कहना है, “नगर पंचायत पदाधिकारी का यह रवैया उनकी तानाशाही को दर्शाता है.वे न केवल आम जनता की स्वास्थ्य चिंताओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, बल्कि उच्च अधिकारियों के आदेशों का भी पालन नहीं कर रहे हैं.”
जनता की मांग प्रदूषण से मुक्ति और न्याय:-
अनुमंडल कार्यालय के आसपास रहने वाले लोग इस गंदगी और बदबू से परेशान हैं.उन्हें डर है कि इस प्रदूषण से गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं. स्थानीय लोगों ने अनुमंडल पदाधिकारी से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है.उनकी मांग है कि नगर पंचायत पदाधिकारी को तत्काल कचरा हटाने का आदेश दिया जाए, ताकि क्षेत्र को स्वच्छ बनाया जा सके और जनहित को न्याय मिल सके.
क्या कहते हैं नगर पंचायत पदाधिकारी :-
नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजेश ने बताया कि अनुमंडल कार्यालय के समीप पदाधिकारियों का भवन निर्माण होना है,इसलिए वहां कचरा नहीं गिराया जाएगा.वैसे अंचलाधिकारी के द्वारा जमीन मुहैया कराया गया था,लेकिन वह जमीन किसी कि बंदोबस्ती की हुई निकल गयी थी.बाद में दूसरे जगह रजौली पूर्वी पंचायत के झिरझो गांव के समीप पुन: जमीन दिया गया है,जिसपर बरसात के बाद कचरा फेंका जाएगा.










