संतोष कुमार
रजौली प्रखंड क्षेत्र के धनार्जय नदी के बगल से गुजरे लसखानी पइन का अतिक्रमण फोरलेन निर्माण करने वाली कंपनी गाबर कंस्ट्रक्शन द्वारा कर लिया गया,जिससे दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.जदयू के तकनीकी एवं श्रम प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सरकार किसानों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है,ताकि किसानों को सिंचाई,खाद,बीज आदि में कोई दिक्कत नहीं हो.वहीं दूसरी ओर विकास कार्य के नाम पर रजौली के अमावां पूर्वी एवं अंधरबारी पंचायत समेत अन्य दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा का एकमात्र साधन लसखानी पइन का अतिक्रमण फोरलेन निर्माण करने वाली कंपनी गाबर कंस्ट्रक्शन द्वारा बीते दो-तीन वर्ष पूर्व कर लिया गया है.लसखानी पइन के बंद होने से किसानों को मिलने वाला सिंचाई का लाभ बंद हो चुका है.सिंचाई नहीं होने से किसानों की स्थिति बेहतर होने के बजाय दयनीय होते जा रही है.वहीं खजुरी बिगहा के शंभू कुमार,महेंद्र कुमार व तुलसी यादव,बड़हर के गनौरी मिस्त्री,सलेमपुर के बृज नंदन सिंह व अशोक वर्मा समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि लसखानी पइन के अतिक्रमण के बाद हमलोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ गई है.वहीं लसखानी पइन में पानी का बहाव नहीं होने से भूमाफियाओं द्वारा पइन का अतिक्रमण बाउंड्री मारकर धड़ल्ले से कब्जा किया जा रहा है.
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई,मुख्यमंत्री से की शिकायत:-
जिलाध्यक्ष संजय कुमार वर्मा ने बताया कि लसखानी पइन का अतिक्रमण फोरलेन निर्माता कंपनी गाबर कंस्ट्रक्शन द्वारा किए जाने के बाद जिलाधिकारी नवादा के समक्ष शिकायत की गई थी.शिकायत के आलोक में रजौली अंचलाधिकारी द्वारा पत्रांक संख्या 870 द्वारा दिनांक 21 अगस्त 2024 को जांच प्रतिवेदन सौंपा गया था.उसके बावजूद अबतक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से किसान क्षुब्ध हैं.जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसकी लिखित शिकायत सांसद नवादा विवेक ठाकुर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को किया गया है.किसानों को आशा है कि सरकार लसखानी पइन के अतिक्रमण से जल्द मुक्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाएगी.










