संतोष कुमार
रजौली थाना क्षेत्र के अमावां पश्चिमी पंचायत में जमीन विवाद को लेकर चार भाइयों में से तीन भाई द्वारा एक भाई,उसकी पत्नी एवं दिव्यांग बेटी के साथ अक्सर मारपीट की जा रही है एवं घर व खेत में हिस्सा नहीं दिया जा रहा है.पीड़ित अमावां गांव निवासी स्व रघुनाथ शर्मा के पुत्र रामाकांत शर्मा ने बताया कि वे व्रसग 2020 में पड़े लॉकडाउन के पूर्व कलकत्ता में एक कम्पनी में कार्य कर रहे थे,लेकिन लॉकडाउन के बाद उनकी नौकरी छूट गई और वे बेरोजगार होकर गांव लौट आये.उन्होंने कहा कि गांव में उनकी लगभग दो एकड़ जमीन है,जिसका बंटवारा चार भाइयों राजकुमार शर्मा,रामाशीष शर्मा,रामाकांत शर्मा एवं उत्तम शर्मा में किया जाना है.जमीन बंटवारे को लेकर वर्ष 2023 में अमावां पश्चिमी पंचायत के तत्कालीन सरपंच पवन कुमार एवं अन्य पंचों की सहायता से पंचनामा बनाया गया एवं बंटवारे की बात कही गई.सरपंच एवं पंचों द्वारा लिए गए निर्णय के बाद सभी चारों भाइयों ने स्वेच्छा से हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई.लेकिन जब जमीन बंटवारे का समय आया तो तीन भाई राजकुमार शर्मा,रामाशीष शर्मा एवं उत्तम शर्मा जमीन बंटवारे में रामाकांत शर्मा को हिस्से देने से मना कर दिए एवं थाना व कोर्ट में केस आदि करने को लेकर मारपीट करने की धमकी दे रहे हैं.वर्ष 2023 में बंटवारे के बाद से पीड़ित रामाकांत शर्मा अपनी दिव्यांग बेटी सोनी कुमारी व पत्नी को सुरक्षा के दृष्टि से अपने ससुराल भेज दिया.साथ ही एकमात्र बेटे आयुष कुमार,जो बाहर रहकर पढ़ाई कर रहा है.पीड़ित रामाकांत शर्मा ने बताया कि हिस्सा मांगने पर मेरे भाइयों द्वारा अक्सर गाली-गलौज व मारपीट आदि किया जाता है.बीते दो दिनों पूर्व भी लोहे की खंती एवं लाठी-डंडा से मारपीट करने का प्रयास किया गया,किन्तु पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह वे अपनी जान बचा पाए हैं.वहीं भाइयों के डर से वे अपनी पत्नी और मूकबधिर बेटी के साथ गांव में नहीं रह पा रहे हैं.हालांकि घटना को लेकर पूर्व में भी नवादा डीएम व एसपी के अलावे एसडीएम एवं थाना को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई जा चुकी है.पीड़ित ने कहा कि थाने में पदस्थापित एसआई इन्द्रदेव राय द्वारा उन्हें सान्त्वना मिला है कि उनके साथ न्याय होगा.पीड़ित रामाकांत शर्मा ने कहा कि वे अभी बेरोजगार हैं और एक दिव्यांग बेटी के पिता हैं.बावजूद उन्हें उनके भाइयों द्वारा बंटवारे के जमीन देने को लेकर परेशान किया जा रहा है.उन्होंने स्थानीय पुलिस व प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है.










