ऑपरेशन के बाद गंदे कपड़ों पर लेटने को मजबूर महिलाएं,स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से बढ़ा संक्रमण का खतरा

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Er. Santosh Kumar

75 शैय्या अनुमंडलीय अस्पताल रजौली में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बीते शुक्रवार को ऑपरेशन के बाद सात महिलाओं को गंदे कपड़ों पर लेटने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उनमें संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. इन महिलाओं का बंध्याकरण हुआ था, जबकि एक अन्य महिला का सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव कराया गया था. बंध्याकरण ऑपरेशन कराने वाली महिलाओं में कर्मा गांव निवासी सिंटू कुमार की पत्नी ललिता कुमारी, बिलासपुर निवासी विकास शर्मा के पत्नी पूजा देवी, राजाबिगहा गांव निवासी प्रकाश मांझी की पत्नी सुनीता देवी, चितरकोली निवासी प्रदीप कुमार की पत्नी सीमा कुमारी दामोदरपुर गांव निवासी मुकेश कुमार की पत्नी सीमा कुमारी, डीह रजौली निवासी राजू चौधरी की पत्नी नीतू देवी तथा मुरहेना गांव निवासी प्रशांत कुमार की पत्नी पूजा कुमारी के अलावा कुंडला मोहल्ला निवासी नेहाल आलम की पत्नी हेना प्रवीण का दूसरा प्रसव सिजेरियन से हुआ. यह घटना दर्शाती है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं केवल कागजों पर ही बेहतर हैं. जब तक स्वास्थ्य विभाग सख्त कदम नहीं उठाता, तब तक इन मरीजों की जिंदगी दांव पर लगी रहेगी.

साफ-सफाई की अनदेखी और लापरवाही का खेल :-

ऑपरेशन थिएटर में जिंदगी और मौत के बीच झूलने वाली महिलाओं को ऑपरेशन के बाद साफ-सुथरे बेडशीट तक नसीब नहीं हुए.उन्हें अपने ही घरों से लाए गए गंदे कपड़ों और चादरों पर लेटना पड़ा. यह स्थिति अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्यकर्मियों की घोर लापरवाही को दर्शाती है, जो मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हुआ है,पहले भी कई बार इस तरह की खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ है.

गरीब और लाचार महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार:-

यह अस्पताल न केवल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, बल्कि यहां के स्वास्थ्यकर्मियों पर मरीजों के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगे हैं.शुक्रवार को ही एक मरीज के परिजन ने स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा 5,000 रूपये की मांग किए जाने की शिकायत की.जब वे इस मामले को लेकर डॉक्टर निवेदिता नंदिनी से मिले, तो परिवार कल्याण परामर्शदाता राकेश कुमार और जीएनएम अनिल पासवान के साथ उनकी तीखी बहस हो गई. इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल के अंदर व्याप्त भ्रष्टाचार और असंवेदनशीलता को उजागर किया है.

सिविल सर्जन ने दिया जांच का आश्वासन:-

जब इस मामले पर नवादा के सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार चौधरी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है.उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Bihar News 27
Author: Bihar News 27

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