संतोष कुमार
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के मद्देनजर रजौली अनुमंडल कार्यालय ने मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के उपयोग और कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक विशेष ईवीएम डेमोंस्ट्रेशन सेंटर शुरू किया है.इस पहल का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें मतदान के महत्व के प्रति जागरूक करना है.
मतदाताओं को ईवीएम के बारे में मिलेगी पूरी जानकारी:-
अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) स्वतंत्र कुमार सुमन ने बताया कि यह डेमोंस्ट्रेशन सेंटर चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मंगलवार (15 जुलाई 2025) को स्थापित किया गया है. इस केंद्र पर आने वाले मतदाताओं को ईवीएम के तीनों प्रमुख घटकों में बैलेट यूनिट,कंट्रोल यूनिट, और वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है. विशेषज्ञ कर्मचारी मतदाताओं को इन इकाइयों के संचालन, वोट डालने की प्रक्रिया, और वीवीपैट के माध्यम से अपने वोट की पुष्टि करने के तरीके का व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर रहे हैं. यह सेंटर आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की घोषणा की तिथि तक कार्यरत रहेगा.
मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर:-
एसडीओ सुमन ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे नये मतदाताओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी. उनका मानना है कि ईवीएम के बारे में पूरी जानकारी होने से मतदाताओं का विश्वास बढ़ेगा और वे बिना किसी झिझक के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
प्रचार-प्रसार और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान:-
मतदाताओं तक इस सुविधा का लाभ पहुंचाने के लिए,एसडीओ ने सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है.उन्हें यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रतिदिन अधिक से अधिक मतदाता इस केंद्र पर आकर ईवीएम के संबंध में प्रशिक्षित हों और जागरूक बनें. अनुमंडल कार्यालय अवधि के दौरान कोई भी नागरिक इस केंद्र पर आकर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है.इस प्रकार के डेमोंस्ट्रेशन सेंटर न केवल चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाते हैं, बल्कि मतदाताओं को सशक्त भी करते हैं, जिससे लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत किया जा सके.










