अनुमंडलीय अस्पताल में मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने को लेकर मिला 20 नया बेड समेत ओटी टेबल,कई व्यवस्थाएं अब भी अधूरी

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संतोष कुमार

रजौली मुख्यालय स्थित अनुमंडलीय अस्पताल को ट्रामा सेंटर का दर्जा देकर संचालित किया जा रहा है.अस्पताल में व्याप्त कमियों को दूर करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है,ताकि अस्पताल आनेवाले लोगों को आवश्यक सुविधाएं मिल सके.मंगलवार को अनुमंडलीय अस्पताल को 20 नए मेडिकल बेड,ओटी टेबल,मैट्रेस व कई अन्य सामग्रियां विभाग के द्वारा भेजा गया.अस्पताल प्रबंधन द्वारा वार्डों में पड़े खराब बेड को बदलकर उसके स्थान पर नए बेड को लगाने का कार्य किया जा रहा है.इन नए बेडों में मरीज के आवश्यकता हेतु एडजस्टमेंट की सुविधा दी गई है,जबकि पुराने वाले बेड में यह सुविधा नहीं थी.जिससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को उठाने-बैठाने में काफी सहायता मिल सकेगी.समाजसेवी रंजीत सिंह ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल को ट्रामा सेंटर बनाकर संचालित किया जा रहा है.किंतु अस्पताल में कई आधारभूत कमियां है,जिनमें अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था अहम है.गर्भवती महिलाएं अपना स्वास्थ्य जांच करवाने अस्पताल आती हैं और जब उन्हें अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है,तो उन्हें बाजार में किसी निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर अपना जांच करवाना पड़ता है.उन्होंने कहा कि रजौली क्षेत्र पिछड़ा हुआ है,यहां के दिहाड़ी मजदूर वर्ग समेत अन्य गरीब लोगों की सुविधा हेतु अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था होना अनिवार्य है.उन्होंने कहा कि अनुमंडलीय अस्पताल से नवादा की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है और रजौली से सटे तिलैया घाटी क्षेत्र भी है,जहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं घटते रहती है.ऐसे में सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को खून की सख्त जरूरत होती है.इसलिए अस्पताल में एक बल्ड बैंक भी होना चाहिए,ताकि सड़क दुर्घटना में जरूरतमंद मरीजों को ससमय खून मिल सके और उसकी जान बच सके.वहीं कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य हेतु नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाकर एनआरसी में भर्ती कराया जाना चाहिए.अस्पताल में पीकू की व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने की आवश्यकता है.साथ ही अस्पताल में चिकित्सक के खाली पदों को भी जल्द ही भरा जाना चाहिए.वहीं अस्पताल में पर्याप्त संख्या में कमरे खाली पड़े रहते हैं,उसके बावजूद अस्पताल के डीएस कार्यालय में ही सभी चिकित्सकों द्वारा ओपीडी में मरीजों को देखा जाता है.इससे ओपीडी में काफी भीड़ इक्कठा हो जाती है और मरीजों के साथ उनके परिजनों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है.इस बाबत अस्पताल के प्रभारी डीएस डॉ. दिलीप कुमार ने बताया अस्पताल में मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने को लेकर मंगलवार को 20 नए आधुनिक बेड,मैट्रेस,ओटी टेबल समेत कई सामग्री अस्पताल को मिला है.इससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को काफी सुविधा मिलेगी.साथ ही बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों के रिक्त पदों को लेकर वरीय पदाधिकारियों को पत्राचार भी किया गया है.वहीं अन्य व्यवस्थाओं पर भी अस्पताल प्रबंधन जल्द ही कार्रवाई करेगी ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

Bihar News 27
Author: Bihar News 27

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