एफएसएल टीम को मिले अहम सुराग, बरामद हुई पिस्तौल,पुलिस कर रही अपराधियों की पहचान
मनीष सिंह, (बिहार, पटना)
राजधानी पटना से सटे रामकृष्ण नगर और गोपालपुर थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित डोमनाचक गांव में सोमवार देर शाम हुए दोहरे हत्याकांड के बाद एक स्तब्ध कर देने वाला नया मोड़ सामने आया है। बस संचालक और जमीन कारोबारी अशर्फीलाल उर्फ अशर्फी राय की हत्या के बाद पकड़े गए दोनों हमलावरों को ग्रामीणों ने सिर्फ पीटा ही नहीं, बल्कि पिटाई से पहले ही उन्हें गोली मार दी गई थी।
वैज्ञानिक जांच में खुलासा: सिर में गोली लगने के निशान:-
घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम की वैज्ञानिक जांच ने इस आशंका की पुष्टि की है। टीम ने पाया कि भीड़ के हत्थे चढ़े दोनों मृत अपराधियों के सिर में स्पष्ट रूप से गोली लगने के निशान मौजूद हैं।दोनों अपराधियों की मौत का कारण केवल पिटाई नहीं है। पिटाई शुरू होने से पहले ही उन्हें गोली मारी गई थी। घटनास्थल से दो पिस्तौल बरामद हुई हैं, जिनकी जांच से इस बात की पुष्टि हो सकती है कि क्या उन्हें उन्हीं पिस्तौलों से मारा गया था।
बाइक कीचड़ में फंसी और भीड़ ने किया घेराव
स्थानीय लोगों के अनुसार, अशर्फी राय की हत्या करने के बाद अपराधी जब अपनी मोटरसाइकिल से भाग रहे थे, तभी उनकी बाइक गांव के पास कीचड़ में फंसकर बंद हो गई। बाइक रुकते ही ग्रामीणों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
* बदले की कार्रवाई: आक्रोशित भीड़ ने सबसे पहले दोनों बदमाशों से उनकी पिस्तौलें छीन लीं।
* मौके पर सजा: सूत्रों के अनुसार, भीड़ ने छीनी गई उन्हीं पिस्तौलों का इस्तेमाल करते हुए पहले उनके सिर में गोली मार दी।
* क्रूरता की हद: गोली मारने के बाद भी गुस्सा शांत नहीं हुआ। ग्रामीणों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला और पत्थरों से उनके चेहरे को भी बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई: पिस्तौल बरामद, पहचान में जुटी टीम:-
पुलिस ने घटनास्थल से बरामद दोनों पिस्तौलों को एफएसएल के कब्जे में दे दिया है और अब जांच शुरू कर दी गई है। देर रात तक दोनों मृत अपराधियों की पहचान नहीं हो पाई थी।
पुलिस अब इन मृत अपराधियों की पहचान करने, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, और इनके आपराधिक नेटवर्क की पुष्टि करने में जुटी है।दूसरी ओर यह घटना भीड़ द्वारा तत्काल न्याय की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब अपराधियों को गोली मारने जैसा कृत्य भी सामने आया है। पुलिस पर अब दोहरे हत्याकांड (अशर्फी राय) और भीड़ की हिंसा (दो अपराधियों की मौत) दोनों की निष्पक्ष जांच का दबाव है।










