लाखों की लागत से निर्मित ऑक्सीजन प्लांट कई महीनों से बंद,टेक्नीशियन भी गायब,तीन ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेशन मशीन में दो है खराब,मरीजों को होती है परेशानी

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Er. Santosh Kumar

रजौली मुख्यालय स्थित 75 शैय्या अनुमंडलीय अस्पताल में कोरोना काल में लाखों रुपयों खर्च के बाद स्थापित ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट विगत कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है.इससे अस्पताल में सांस एवं गंभीर रूप से घायल मरीजों को ऑक्सीजन देने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.वहीं ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के सफल संचालन के लिए एक टेक्नीशियन की भी बहाली की गई थी,जो बीते कई माह से फरार चल रहा है.

कोरोना काल में स्थापित किया गया था प्लांट :-

कोरोना काल के दौरान जब रजौली समेत पूरा देश कोविड-19 जैसे घातक वायरस के संक्रमण से त्रस्त था,उस दौरान पीएम केयर फंड से लाखों रुपयों की लागत से अनुमंडलीय अस्पताल में वर्ष 2021 में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किया गया था.साथ ही अस्पताल के सभी 75 बेडों पर पाइप के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही थी.किंतु ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट से सप्लाई होने वाले पाइप में महज कुछ दिनों बाद एक लीकेज हो गया,जिसकी मरम्मती आजतक नहीं करवाई गई है.इस कारण प्लांट को चलाने वाला टेक्नीशियन भी बीते लगभग 6 महीनों से अस्पताल से फरार है.इसका खामियाजा अस्पताल आनेवाले गंभीर रूप से बीमार और सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.

अस्पताल में एकमात्र ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेशन मशीन उपलब्ध :-

कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलेंडरों की किल्लत से छुटकारा दिलाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई थी,ताकि अस्पताल आनेवाले मरीजों को निर्बाध रूप से ऑक्सीजन मिल सके.वहीं ऑक्सीजन प्लांट के खराब होने के बाद एक-एक करके तीन ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेशन मशीन लाया गया,जिसमें दो खराब पड़ा हुआ है और एक कार्यरत है.अब सवाल है कि यदि अस्पताल में एक ही समय में दो मरीजों को यदि ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है,तो स्वास्थ्यकर्मी बेहाल नजर आते हैं एवं मरीजों के परिजन लाचार और बेबस दिखाई पड़ते हैं.

मरम्मत की है आवश्यकता :-

अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के लीकेज सप्लाई पाइप की मरम्मत अत्यंत आवश्यक है.वहीं ओपीडी सह उपाधीक्षक कार्यालय में लगे चार पंखों में तीन पंखा खराब पड़ा हुआ है एवं ड्यूटी रूम में लगा एयर कंडीशन और एक पंखा खराब है.कमोबेश यही हाल मरीजों के अन्य बेड का है.इसके पीछे उपाधीक्षक को सिविल सर्जन नवादा द्वारा वित्तीय प्रभार का नहीं दिया जाना बताया जा रहा है.

रोगी कल्याण समिति मौन :-

अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की देखभाल हेतु बीते 3 जुलाई को सिरदला के रंजय कुमार,मेसकौर के उपेंद्र राजवंशी,अमावां की शाबो देवी,नरहट के अयोध्या शरण एवं फतेहपुर की कविता देवी को रोगी कल्याण समिति का सदस्य बनाया गया.किंतु आजतक एक आम बैठक तक नहीं हो पाई है और ना ही सदस्य रंजय कुमार के अलावे कोई अस्पताल पहुंच रोगियों से हाल-चाल जानने का प्रयास किए हैं.समिति की निष्क्रियता के कारण मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन :-

इस बाबत सिविल सर्जन नवादा डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है.उन्होंने कहा कि संबंधित पदाधिकारी को ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के सुचारू रूप से संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.साथ ही आश्वासन दिया कि जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट का संचालन पुनः शुरू होगा.

Bihar News 27
Author: Bihar News 27

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