Er. Santosh Kumar
रजौली वन विभाग में कार्यरत केयरटेकरों को पिछले 18 महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है.इस वजह से मजदूर परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं.मजदूरों ने बताया कि कई बार रेंज कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद अब तक उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया.वहीं मजदूरी न मिलने के साथ-साथ विभाग की ओर से काम से भी निकाल देने की बात कही जा रही है.पीड़ित केयर टेकरों में अर्जुन सिंह,दिलीप सिंह,आनंदी सिंह, मुन्ना टुरी,सतीश श्री,राकेश तुरी,नीतिश कुमार,पूनम देवी,ममता देवी,गुड़िया देवी, लक्ष्मीनिया देवी,सतीश यादव,कृष्ण यादव, शोभा देवी,जितेंद्र कुमार,पवन कुमार समेत दर्जनों लोगों ने कहा कि विभाग ने उनसे 18 महीने तक काम तो लिया,लेकिन न तो वेतन दिया और न ही भविष्य की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाया.
कर्ज और भुखमरी से परेशान लोग करेंगे आंदोलन :-
मजदूरों का कहना है कि वे कर्ज लेकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं,लेकिन अब स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है.गरीब मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.वहीं विभागीय अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है.इस मामले में मजदूरों ने सरकार व वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है.उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया,तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे.मजदूरों का यह भी आरोप है कि विभाग द्वारा उनसे जबरन काम कराया गया है और अब उनकी मेहनत की कमाई रोककर उन्हें बेरोजगारी की ओर धकेला जा रहा है.यह स्थिति न सिर्फ मजदूरों के साथ अन्याय है बल्कि विभागीय लापरवाही की भी स्पष्ट तस्वीर पेश करती है.अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है.
क्या कहते हैं रेंजर :-
इस बाबत रेंजर नारायण लाल सेवक ने बताया कि केयर टेकरों के बकाए वेतन के संबंध में उन्हें जानकारी मिली है.उनके द्वारा वरीय पदाधिकारी को सूचित किया गया है.उन्होंने कहा कि केयर टेकरों के बकाए मजदूरी को लेकर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है.










