संतोष कुमार
रजौली स्थित समेकित जांच चौकी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 31 की हालत बेहद जर्जर हो गई है।सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं,जिससे वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है।नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की इस मामले पर चुप्पी सवालों के घेरे में है,और लोगों का कहना है कि यह लापरवाही कभी भी एक बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।समेकित जांच चौकी एनएच 31 पर ये वो जगह है जहां से गुजरने वाला हरेक वाहन चालक और स्थानीय निवासी हर पल एक अनहोनी का डर लिए रहता है। सड़क पर बने विकराल गड्ढे सिर्फ वाहन खराब नहीं कर रहे, बल्कि बड़े हादसों को न्योता दे रहे हैं। ये केवल स्थानीय समस्या का हिस्सा नहीं, बल्कि स्थानीय लापरवाही और बेफिक्री का जीता-जागता उदाहरण है।
समस्या की जड़ ढाबे संचालक कि लापरवाही एवं प्रशासन की अनदेखी:-
स्थानीय लोगों की मानें तो इस जर्जर सड़क के पीछे एक बहुत ही स्थानीय कारण छिपा है।जांच चौकी के बिल्कुल बगल में एक ढाबा है, जहां ट्रकों को धुलवाने का काम धड़ल्ले से चलता है। ट्रकों की धुलाई का सारा गंदा पानी सीधे सड़क पर बहता है और जमा हो जाता है। यह पानी, खासकर अलकतरा वाली सड़क को धीरे-धीरे गला रहा है, जिससे छोटे गड्ढे बड़े-बड़े खाईयों में बदल गए हैं। ये गड्ढे अब इतने गहरे हैं कि बारिश में पानी भरने पर उनका अंदाजा लगाना असंभव हो जाता है, जो सीधे दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है।जिम्मेवार एनएचएआई के अधिकारियों की चुप्पी और इस ओर से आंखें मूंद लेना, स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा पैदा कर रहा है। उनकी जिम्मेदारी है कि वे न केवल सड़कें बनाएं, बल्कि उनका उचित रखरखाव भी करें। लेकिन रजौली में यह जिम्मेदारी पूरी तरह से नजरअंदाज की जा रही है।
स्थानीय लोगों की मांग,तत्काल समाधान और कार्रवाई:-
वाहन चालक और स्थानीय निवासी लगातार तत्काल मरम्मत कार्य की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस सड़क पर आवाजाही जान जोखिम में डालने जैसा है।उनकी प्रमुख मांगें हैं कि सड़क की तत्काल और स्थायी मरम्मत नहीं बल्कि ऐसी मरम्मत हो जो भविष्य में टिकाऊ हो।सख्त कदम उठाकर ढाबे के मालिक के उपर दबाव बनाया जाए जिससे बाद में वह फिर ऐसी हरकत न करे,पानी की उचित निकासी की व्यवस्था करनी होनी चाहिए, ताकि वह सड़क पर जमा न हो।
वाहन चालक बेबस, सफर बन रहा जहन्नुम:-
बंगाल, यूपी,झारखंड समेत देश के कई राज्यों की ओर जाने वाले इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर हजारों वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। इनमें बड़े ट्रक, बसें और छोटे वाहन सभी शामिल हैं। लेकिन रजौली जांच चौकी के समीप आते ही सड़क की हालत इस कदर बदतर हो जाती है कि चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बड़े-बड़े गड्ढे और टूटी हुई सड़क के कारण वाहन चालक डर डर कर चलते हैं, जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ वाहनों को भी भारी नुकसान हो रहा है। कई बार तो इन गड्ढों के कारण टायर फटने और गाड़ियों के अनियंत्रित होने एवं छोटी वाहनों को इसमें फंस जाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। वाहन चालकों ने एकजुट होकर जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि इस रूट पर यात्रा करना अब किसी जहन्नुम से कम नहीं है।
क्या कहते हैं एनएचएआई पदाधिकारी :-
इस बाबत एनएचएआई के साइट इंजीनियर सैमसुल हक ने बताया कि सड़क पर गड्ढे की जानकारी मिली है।रजौली से चितरकोली तक के सड़क पर बने गड्ढों की जांच कर जल्द ही मरम्मती कार्य किया जाएगा।










