Er. Santosh Kumar
रजौली मुख्यालय के बजरंगबली चौक के समीप स्थित बिजली विभाग के कार्यालय के चारों ओर चाहरदीवारी से लगे अतिक्रमण से लोगों की जान को खतरा हो सकता है. कार्यालय की चारदीवारी से सटी दुकानों और अन्य अतिक्रमण के ऊपर से 33 केवी की बिजली लाइन गुजर रही है और 11 केवी का डीटीआर भी लगा हुआ है. बिजली विभाग के सहायक अभियंता राहुल कुमार ने बताया कि फॉल्ट होने पर चिंगारी या जम्फर कटने से प्लास्टिक कवर के कारण आग लगने और भगदड़ मचने जैसी अप्रिय घटनाएं हो सकती हैं. इसी खतरे को देखते हुए, उन्होंने सीओ को लिखित आवेदन देकर इस अतिक्रमण को हटाने की गुहार लगाई है.
अतिक्रमण से बढ़ रही है जाम की समस्या:-
यह अतिक्रमण न सिर्फ बिजली के तारों के लिए खतरा है,बल्कि इसकी वजह से बजरंगबली चौक पर भयंकर जाम की स्थिति भी बनी रहती है. इस जाम से लोगों को संगत से बाईपास और पुरानी बस स्टैंड से ब्लॉक की ओर आने-जाने में भारी परेशानी होती है.सबसे ज्यादा दिक्कत अनुमंडलीय अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिवार वालों को होती है, जिन्हें इमरजेंसी में भी जाम में फंसना पड़ता है. स्थानीय लोग भी फुटपाथी दुकानदारों की मनमानी को रोकने के लिए प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं.
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई:-
इस मामले पर बिजली एसडीओ राहुल कुमार ने बताया कि उन्होंने 25 जून को ही सीओ को अतिक्रमण हटाने के लिए आवेदन दिया था. उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर बिजली से जुड़ी कोई दुर्घटना होती है,तो इसके लिए बिजली विभाग जिम्मेदार नहीं होगा.क्योंकि अतिक्रमणकारी जबरन सड़कों के बगल में अवैध कब्जा जमाए हुए हैं.कई बार कहने के बाद भी नहीं हटते हैं.इससे बिजली के तारों में फॉल्ट होने के बाद कभी भी बढ़ी दुर्घटना हो सकती है.
वहीं,सीओ मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि उन्हें बिजली विभाग से आवेदन मिल गया है और इसके आधार पर अतिक्रमणवाद (अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया) शुरू कर दिया गया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि यह प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द ही अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा.










