संतोष कुमार
रजौली प्रखंड मुख्यालय स्थित पुरानी बस स्टैंड एवं नीचे बाजार स्थित धनार्जय नदी घाट पर छत दिवसीय छठ पूजा के दौरान अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा.इस दौरान नदी घाटों पर सुरक्षा हेतु पुलिस बल छठ घाटों पर तैनात दिखाई दिए.

छठ व्रती खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास रखते हैं और तीसरे दिन शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जल स्रोतों जैसे पोखर,तालाब,नदी या फिर वैकल्पिक इंतजाम करके पानी में डूबते सूर्य की ओर मुंह करके खड़े हुए.जब तक सूर्य डूब नहीं गया,तबतक श्रद्धालु उपासना में लीन रहे एवं सूर्य के डूबने के बाद लोग घरों की ओर वापस चले गए.

छठ व्रती सुशीला देवी ने बताई कि छठ व्रती खरना के बाद से ही प्रसाद की तैयारी में जुट जाते हैं.अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने से पहले ठेकुआ,भुसवा सहित अन्य प्रसाद सामग्रियों को बनाकर दौरा सजाया जाता है.प्रसाद सामग्री को लेकर लोग छठ घाटों पर पहुंचते हैं फिर डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी उपासना की जाती है.फिर चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर सूर्योपासना का महापर्व छठ का समापन हो जाता है.उन्होंने कहा कि संतान प्राप्ति के साथ-साथ छठी मैया हर प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण करती है.

वहीं रजौली एवं सिरदला के विभिन्न छठ घाटों पर समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा हाथ जोड़कर दउरा में फल रखा गया.सिरदला के जमुआय नदी में कैप्टन राकेश चौधरी द्वारा अपने टीम के साथ फल वितरण करते नजर आए.

प्रशासनिक कुव्यवस्था के कारण व्रतियों एवं श्रद्धालुओं में रोष,वार्ड पार्षद प्रतिनिधि –
नगर पंचायत क्षेत्र में छठ व्रतियों के लिए नदी घाटों में उचित व्यवस्था नहीं किए जाने से श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है.वार्ड संख्या 6 के पार्षद प्रतिनिधि सुमित सिंह ने बताया नीचे बाजार स्थित बनाया गया छठ घाट लगभग पांच फीट ऊंचा बनाया गया.साथ ही दुर्गंध को हटाने के लिए अधिक मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर दिया गया.वहीं जल निकासी की कोई व्यवस्था नगर पंचायत प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है.इस कृत से छठ व्रतियों समेत श्रद्धालुओं के भावनाओं काफी ठेस पहुंचा है एवं लोगों में रोष व्याप्त है.










