मनीष कुमार,रजौली(नवादा)
कोडरमा-तिलैया रेलवे लाइन परियोजना पर कार्यरत एक 27 वर्षीय मजदूर टकलू भुइयां की रविवार देर रात एक गंभीर दुर्घटना में घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे मजदूर सरविंद कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है।इस हादसे के बाद, कार्य करा रही नरसिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी की सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपराधिक लापरवाही खुलकर सामने आ गई है।इसका ताजातरीन खुलासा रविवार रात रजौली थाना क्षेत्र के परतौनिया में हुई दुर्घटना है।जहां दुर्घटना में एक की मौत तो दूसरा बूरी तरह से जख्मी होना सुरक्षा मानकों की लापरवाही को दर्शाता है।
चाभी लगी गाड़ी चालू करने की कोशिश में हादसा :-
यह हृदय विदारक घटना रविवार की रात करीब 10 बजे हुई। चतरा जिले के रहने वाले टकलू भुइयां की दर्दनाक मौत घटनास्थल पर ही हो गई और उनके साथ रहे 27 वर्षीय सरविंद कुमार गंभीर रूप से घायल हैं,जो रांची में इलाजरत हैं,दोनों वेल्डर का काम करते थे।जानकारी के अनुसार, रात में दोनों ने कंक्रीट करने वाले बड़ी वाहन (ट्रांजिट मिक्सर) (संख्या जेएच19सी5136) को चालू करने का प्रयास किया,जिसकी चाभी पहले से ही उसमें लगी हुई थी।वाहन के चालू होते ही वह अनियंत्रित हो गया और कुछ ही दूर जाकर खाई में पलट गया। इस भीषण हादसे में टकलू भुइयां की मौके पर ही मौत हो गई।टकलू अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं,जिनमें बड़ी बच्ची 6 वर्ष की है,जिन्हें छोड़ गए।
प्रोजक्ट मैनेजर की संवेदनहीनता पर सवाल:-
घटना रजौली थाना के हरदिया पंचायत स्थित परतौनिया गांव में हादसे के तुरंत बाद, संवेदक और प्रोजेक्ट मैनेजर की घोर संवेदनहीनता सामने आई।मृतक के साथ काम करने वाले दूसरे साइट पर रहे लातेहार के सुरेश कुमार ने बताया कि मृतक के शव को रविवार की रात में ही कोडरमा सदर अस्पताल में रखवा दिया गया,जिसके बाद संवेदक और प्रोजेक्ट मैनेजर मौके से गायब हो गया।सोमवार की शाम तक,शव कोडरमा अस्पताल में ही लावारिस अवस्था में पड़ा रहा।मृतक के परिजन जब सोमवार शाम करीब चार बजे अस्पताल पहुंचे,तब जाकर कोडरमा पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
सुरक्षा और पर्यावरण मानकों की अनदेखी का पुराना इतिहास:-
यह दुर्घटना मात्र एक इकलौता हादसा नहीं है, बल्कि नरसिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी द्वारा बिछाई जा रही रेलवे लाइन के कार्य, विशेषकर ब्लास्टिंग और वेल्डिंग जैसे संवेदनशील कार्यों में, सुरक्षा के कोई भी मानकों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है, और काम बिना सुरक्षा युक्ति के संचालित किया जा रहा है।सिर्फ इतना ही नहीं, कंपनी पर पर्यावरण नियमों की अनदेखी का भी गंभीर आरोप है। बताया जाता है कि यह कंपनी जंगलों से ही मिट्टी की अवैध कटाई कर वन क्षेत्र को उजाड़ रही है, जिससे प्राकृतिक संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इस अवैध गतिविधि पर वन विभाग की मौन स्वीकृति प्रदान करने की ‘कृपा’ कहा जा रहा है, जो सरकारी विभागों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
प्रशासन और रेलवे विभाग से मांग की गई है कि वे इस आपराधिक लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच करें, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दें, और कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि भविष्य में इस तरह के मानव निर्मित हादसों को रोका जा सके।
परिजनों ने कहा कंपनी पर करेंगे केस :-
पीड़ित परिजनों किट्टू कुमार,इंद्रदेव भुइयां ने कहा कि मृतक टकलू भुइयां बीते पांच वर्षों से रेलवे में हो रहे निर्माण कार्य में जुटा हुआ था।घटना रविवार की रात्रि की है,जबकि कंपनी वालों ने तुरंत ना तो परिजनों को सूचित किया और ना ही साथ काम करने वाले परिजनों को कुछ जानकारी दिया।परिजनों ने कहा कि एक मजदूर का क्षत विक्षत शव कोडरमा अस्पताल में पड़ा हुआ है और दूसरा घायल मजदूर रांची के किसी अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है।परिजनों ने कहा कि प्रोजेक्ट मैनेजर कैलाश राय द्वारा अफवाह उड़ाया जा रहा है कि दोनों शराब के नशे में थे और गाड़ी चालू करके खाई में गिर गए।पीड़ित परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और वे स्थानीय प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष :-
इस संबंध में रजौली थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिली है।थानाध्यक्ष ने कहा कि कोडरमा थानाध्यक्ष से बातचीत हुई है,कोडरमा पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा।साथ ही कहा कि मृतक मजदूर के परिजनों द्वारा प्राप्त फर्द ब्यान के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रतर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









