संतोष कुमार
नवादा जिले के रजौली की माटी के लाल, बगलामुखी पीठाधीश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज को हरिद्वार में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है.यह समारोह अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित किया गया,जहां संत समाज ने उन्हें तिलक चादर प्रदान कर इस महत्वपूर्ण पदवी से नवाजा.
चरण पादुका मंदिर में हुए इस गरिमामय पट्टाभिषेक समारोह में निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी,भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महंत राजगिरी, महंत प्रकाश पुरी,महंत जगदीशानंद सहित कई प्रमुख संतों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज को हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
संत समाज का आशीर्वाद और अपेक्षाएं:-
इस अवसर पर बोलते हुए, श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज को एक विद्वान और तपस्वी संत बताया.उन्होंने कहा कि स्वामी जी सनातन धर्म के प्रखर प्रवक्ता हैं,जो विभिन्न टीवी चैनलों पर होने वाली बहसों में सनातन पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत करते हैं.उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़े की समृद्ध परंपराओं का पालन करते हुए पूरे विश्व में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करेंगे.श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने भी स्वामी वेदमूर्ति पुरी को बधाई दी और उनसे समाज में ज्ञान और अध्यात्म का प्रचार करने के साथ-साथ युवा वर्ग में धर्म जागरण का आह्वान किया,ताकि नई पीढ़ी संस्कारित होकर देश की प्रगति में योगदान दे सके.
गुरु के प्रति कृतज्ञता और निष्ठा का संकल्प:-
महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज ने अपनी नियुक्ति पर गहरी कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वे स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें श्रीमहंत रविंद्रपुरी जैसे गुरु का सानिध्य प्राप्त हुआ है.उन्होंने दृढ़ता से कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वे पूरी निष्ठा से पालन करेंगे और अखाड़ा तथा संत परंपराओं के अनुरूप अखाड़े की उन्नति में अपना अमूल्य योगदान देंगे. इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक, कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, भोला शर्मा सहित कई संत व श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे.
रजौली में उत्सव और गर्व की लहर:-
स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज की यह उपलब्धि उनके पैतृक गांव डीह रजौली, बिहार में खुशी और गर्व का कारण बनी है.रजौली के स्कूलों में अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले स्वामी जी को यह उपाधि मिलने से पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है. गांव,टोले-मोहल्ले के लोग उनके सनातन संस्कृति के प्रति अटूट लगाव और उनके द्वारा अपने पैतृक गांव का नाम देश भर में रोशन किए जाने की चर्चा कर रहे हैं.उनके परिवार और प्रियजनों में भी इस ऐतिहासिक क्षण को लेकर अपार खुशी है.यह नियुक्ति न केवल स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज के व्यक्तिगत तप और ज्ञान का परिणाम है, बल्कि यह सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और संस्कारों को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी साबित होगी.










