बच्चों ने वीडियो बनाकर खोली स्कूल की पोल,छात्र-छात्राओं का शोषण बंद हो
मनीष सिंह, रजौली (नवादा)
रजौली प्रखंड क्षेत्र के मुरहेना पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय उर्दू में मैट्रिक परीक्षा के लिए फॉर्म भरने के नाम पर विद्यालय प्रधानाध्यापिका किरण कुमार पर निर्धारित शुल्क से ज्यादा पैसे लेने के आरोप लग रहे हैं। छात्र-छात्राओं से शुल्क के नाम पर वसूले गए पैसों की रसीद भी नहीं दी जा रही है। इसका विरोध किए जाने और वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने पर छात्रों के साथ शिक्षक सन्नी सर और अब्दुल कलाम सर के द्वारा मारपीट का भी आरोप लगा है। विद्यालय के छात्र चुन्नू कुमार,नीतीश कुमार,आशीष कुमार एवं पवन कुमार समेत दर्जनों ने बताया कि उनके विद्यालय में दशवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का फॉर्म भरा जा रहा है।

प्रधानाध्यापिका किरण कुमारी द्वारा फॉर्म लेने के लिए 30 रूपये की मांग की जा रही है,जिसका रसीद नहीं दिया जा रहा है। फॉर्म भरकर जेनरल और ओसीबी के बच्चों से 1000 रुपए एवं बीसी-01 व एससी-एसटी के बच्चों से 900 रूपये लिए जा रहे हैं। स्कूल द्वारा लिए जा रहे पैसे के मुताबिक रसीद में कम पैसे अंकित करके रसीद देने की बात कही जा रही है। इस दौरान स्कूल के 10-15 छात्रों ने ज्यादा पैसे लेने का विरोध किया और पैसों की लेनदेन से संबंधित वीडियो बनाने लगे। वीडियो बनता देख प्रधानाध्यापिका और उनके सहयोगी शिक्षकों द्वारा बच्चों का मोबाइल छीन लिया गया और मारपीट कर वीडियो डिलीट करने की धमकी भी दी गई। वीडियो डिलीट नहीं करने पर स्कूल से टीसी काटने की भी धमकी प्रधानाध्यापिका द्वारा दी गई एवं स्कूल से धक्के मारकर बाहर भगा दिया गया। साथ ही उज्जवल नाम के छात्र का मोबाइल भी शिक्षकों ने छीनकर रख लिया,विरोध तेज होने पर छात्र को मोबाइल वापस करना पड़ा। इस दौरान प्रधानाध्यापिका द्वारा बच्चों से लिए गए पैसे फेंकने का मामला कैद हो गया है। छात्रों ने कहा कि ज्यादा पैसे क्यों ले रहे हैं पूछने पर कहा जाता है कि हमलोग पॉकेट खर्च के लिए ज्यादा पैसे ले रहे हैं। फॉर्म के फोटो कॉपी और लगी मेहनत का पैसा बिना रसीद के ले रहे हैं। छात्रों ने स्कूल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण के विरुद्ध शिक्षा पदाधिकारी से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
इस संबंध में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका किरण कुमारी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किए जाने पर उन्होंने मीडियाकर्मी का फोन उठाना मुनासिब नहीं समझें। इस संबंध में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विद्यालय प्रधानाध्यापिका और छात्रों के बीच विवाद को देखा है। उन्होंने मामले की जांच कर अग्रतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।









