रिपोर्टर गिरीडीह
झारखंड के गिरिडीह जिले से बाल विवाह और सामाजिक कुरीति का एक बेहद स्तब्ध करने वाला मामला सामने आया है, जहां कानून और सामाजिक चेतना के दावों को दरकिनार कर एक 13 साल की मासूम बच्ची की जबरन शादी करा दी गई. यह पूरी घटना तिसरी प्रखंड अंतर्गत लोकाय नयनपुर थाना क्षेत्र की है. बाल विवाह जैसी सामाजिक बदी के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद समाज के कुछ तत्वों द्वारा कानून को ताक पर रखकर इस तरह का तालिबानी रवैया अपनाना प्रशासन और समाज दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है.
घर में मिलने पहुंचे युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा, गिड़गिड़ाने पर भी नहीं पसीजे लोग:-
घटना की शुरुआत करीब तीन दिन पहले हुई, जब एक युवक गांव की ही 13 वर्षीय नाबालिग लड़की से मिलने उसके घर पहुंचा था. इसी दौरान गांव के कुछ लोगों की नजर उन पर पड़ गई और ग्रामीणों ने तुरंत दोनों को घेरकर पकड़ लिया. इसके बाद ग्रामीणों ने कानून हाथ में लेते हुए युवक पर नाबालिग की मांग में सिंदूर डालने का अनुचित दबाव बनाना शुरू कर दिया. पीड़ित युवक और नाबालिग के अनुसार, युवक ने मिन्नतें करते हुए अपने परिवार वालों को घटना की जानकारी देने और थोड़ा वक्त देने की गुहार लगाई, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने उसकी एक न सुनी और जबरदस्ती लड़की की मांग में सिंदूर भरवा दिया.
पंचायत के जरिए मामला दबाने की कोशिश:-
पीड़िता के परिजनों का सीधा आरोप है कि इस पूरी घटना को अंजाम देने में नरेश दयाल के परिवार के सदस्यों सहित गांव के कई लोगों की मुख्य भूमिका रही है. दूसरी ओर, जब इस संबंध में नरेश दयाल से बात की गई तो उन्होंने खुद को गांव से बाहर होने का दावा करते हुए कहा कि इसमें केवल उनके परिवार की ही भूमिका नहीं थी, बल्कि पूरा गांव इसमें शामिल था. घटना के बाद मामले को पुलिस-प्रशासन तक पहुंचने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर एक बैठक बुलाई गई. बताया जा रहा है कि स्थानीय मुखिया पति की मौजूदगी में हुई इस पंचायत का मुख्य उद्देश्य मामले को गांव के भीतर ही रफा-दफा करना था, हालांकि उस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसका आधिकारिक खुलासा नहीं हो सका है.
सूचना मिलते ही पहुंची चाइल्डलाइन की टीम, जिला स्तर पर दर्ज कराई गई शिकायत:
घटना की भनक लगते ही बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत चाइल्डलाइन संस्था एक्शन में आई. चाइल्डलाइन के अजय कुमार अपनी टीम के साथ तत्काल पीड़िता के घर पहुंचे और नाबालिग बच्ची तथा उसके परिजनों से मिलकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटाई. चाइल्डलाइन की टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे प्रकरण की रिपोर्ट जिला स्तरीय उच्च अधिकारियों को सौंप दी है. संस्था के प्रतिनिधियों का स्पष्ट कहना है कि 13 वर्ष की नाबालिग बच्ची की जबरन शादी कराया जाना एक बेहद संगीन और गैर-कानूनी अपराध है. इस मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.









